मीठे से परहेज घटाएगा माेटापा, ठीक रहेगा बीएमअार्इ

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जाे लाेग माेटापे से परेशान है आैर उसे कम करना चाहते हैं, उन्हें नियमित व्यायाम के साथ संतुलित आहार जैसे फैट फ्री दूध, सोयाबीन, हरी सब्जियां, सलाद आदि खाना चाहिए। साथ ही खाने में ऊपर से चीनी के प्रयोग से बचना चाहिए।ताकि उन बीएमआर्इ स्तर सही रहे। आइए जानते हैं क्या है बीएमअार्इ आैर क्या हाेता है इसका पैमाना:-

बीएमआई क्या है?
बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) एक प्रकार का माप है जिसमें शरीर की लंबाई के मुताबिक उसके वजन को नापा जाता है। इससे व्यक्ति के मोटे, पतले या सामान्य होने का पता चलता है।

इसका पैमाना क्या होता है?
बीएमआई 20 से कम होने पर व्यक्ति शारीरिक रूप से दुर्बल (पतला), 20-25 होने पर सामान्य, 25-30 होने पर ओवरवेट, 30-40 होने पर मोटापे का शिकार व 40 से ऊपर होने पर अधिकतम वजन की सीमा से भी पार माना जाता है।

ओवरवेट होने पर क्या दिक्कत हो सकती है?
उन्हें डायबिटीज, हाई कोलेस्ट्रॉल, हाई ब्लडप्रेशर, सांस संबंधी बीमारी, आर्थराइटिस व महिलाओं में नि:संतानता की समस्या हो सकती है। साथ ही कई बार अधिक वजन ट्यूमर व कैंसर का भी कारण बन सकता है। एेसे लोगों को नियमित व्यायाम के साथ संतुलित आहार जैसे फैट फ्री दूध, सोयाबीन, हरी सब्जियां, सलाद आदि खाना चाहिए। साथ ही खाने में ऊपर से चीनी के प्रयोग से बचना चाहिए।

पतले होने पर व्यक्ति को किस तरह का खतरा रहता है?
एेसे में व्यक्ति के शरीर में आयरन व विटामिन की कमी हो जाती है। साथ ही उसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्युनिटी) भी कमजोर होने लगती है। जिससे एनीमिया से पीडि़त होने के साथ वह बार-बार बीमार पड़ने लगता है। एेसे लोगों को डाइट में ज्यादा से ज्यादा प्रोटीनयुक्त आहार लेना चाहिए जैसे दूध, पनीर, दालें, सोयाबीन आदि। साथ ही नियमित रूप से एक्सरसाइज करनी चाहिए।

छोटे बच्चों में अधिक मोटापे की समस्या होने पर क्या करें?
फास्टफूड, जंकफूड व अन्य बाहरी चीजों के बजाय घर में बना भोजन खिलाएं। साथ ही खेलकूद के लिए प्रोत्साहित करें।



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